You can now explore each remedy in detail with Vedic insights, proper rituals, relevant mantras, and energization muhurats on the following pages
श्री गुरु कृपा श्री गिरिराज कृपा श्री नृ:सिंह कृपा
श्री नरसिंह जय जय नरसिंह
हमारा शोध….. आपका विश्वास….
विश्व में प्रथमबार स्थापित…श्री नृ:सिंह शक्ति कुण्ड के जल से अभिमंत्रित, श्री नृ:सिंह कवच एवं श्री नवग्रह मंत्रों से वेदोक्त नवग्रह वाटिका में प्राण–प्रतिष्ठित !
श्री नरसिंह यंत्रराज
ऋणमुक्ति, व्यापार वृद्धि, शत्रुशमन, कालसर्प दोष, पितृदोष, सर्वसंकट निवारण एवं सर्वकार्य सिद्ध हेतु !
जनकल्याणार्थ प्रस्तुति:-
मैं जिज्ञासु हूँ…… रहस्यमयी शक्तियों को जानने का।
श्री गुरु कृपा प्राप्ति से एक प्रयास सनातन धर्म के महासमुद्र में गोता लगाने का….. कुछ रहस्यमयी शक्तियों से साक्षात्कार करने का….. श्री गिरिराज महाराज एवं श्री नृ:सिंह भगवान द्वारा पग–पग पर प्रदत्त प्रेरणा से पराविज्ञान द्वारा (रमल ज्योतिष) को समझने का….. तदोपरान्त….. श्री नृ:सिंह रमल ज्योतिष शोध संस्थान, मंदिर श्री नृ:सिंह भगवान, चकलेश्वर रोड, गोवर्धन के तत्वावधान में…. जनकल्याणार्थ…. विश्व में प्रथम बार…. स्थापित रमल ज्योतिष शोधशाला प्रतीक… श्री लक्ष्मी नृ:सिंह नवग्रह वाटिका, लोकमणि विहार, राधाकुण्ड परिक्रमा मार्ग, गोवर्धन के प्रांगण में…. “श्री नृ:सिंह शक्ति कुण्ड” एवं “श्री नरसिंह यंत्रराज” की स्थापना के बाद…. श्री नृ:सिंह शक्ति कुण्ड के जल से अभिमंत्रित, श्री नृ:सिंह कवच एवं श्री नवग्रह मंत्र आदि से वेदोक्त नवग्रह वाटिका में प्राण–प्रतिष्ठित….. श्री नरसिंह यंत्रराज पर….. हमारे अनुभव के द्वारा पूर्ण विधान सहित पूजा कर आप अपने जीवन में आये हुये संकट अथवा पूर्व जन्मकृत अपराधों से मुक्ति हेतु श्री नृ:सिंह भगवान की कृपा प्राप्त कर सुख एवं शांति का अनुभव कर सकते हैं……
यदि आप पूर्ण श्रद्धा, विश्वास, भक्ति एवं धैर्य के साथ इस श्री नरसिंह यंत्रराज की पूजा करते हैं तो निश्चित ही श्री नृ:सिंह भगवान की कृपा प्राप्त कर अपने संकट से मुक्त हो सकते हैं। साथ ही यह विशेष ध्यान रखें कि आप अपने संकट निवारण के लिये ही जपादि कर्म करें। किसी का अहित करने पर आप श्री नरसिंह भगवान के कोप के भाजन हो सकते हैं। पूजा करने से पहले आप अपने अन्दर भक्त भाव अवश्य ही रखें क्योंकि श्री नृ:सिंह भगवान ही भक्तवत्सल्य हैं।
श्री नरसिंह यंत्रराज को अपने घर के मंदिर में स्थापित कर प्रातः, शांयकाल/रात्रि में विधान सहित पंचोपचार/षोडशोपचार अथवा फूल और चंदन आदि से पूजा करें। इसके बाद आपकी जो भी मनोकामना हो उसके अनुसार संकल्प लें। श्री नरसिंह यंत्रराज को ही श्री नृ:सिंह भगवान का श्री विग्रह हृदय में स्थापित करके इस पर अलग–अलग सामग्री चढ़ाने से भक्तों को अलग–अलग फल मिलता है। श्री नृ:सिंह यंत्रराज के उपायों से हर तरह की समस्या दूर होगी, ऐसा मेरा पूर्ण विश्वास है।
अर्थात्:
मनुष्य श्री नृ:सिंह भगवान की आराधना जिन–जिन कार्यों को सोचकर करता है, उन्हें अवश्य ही प्राप्त कर लेता है।
(श्री नरसिंह पुराण)
मंगलवार से इस श्री नरसिंह यंत्रराज पर श्री नरसिंह भगवान की पूजा करें, तत्पश्चात श्री यंत्रराज के सामने घी के तीन अवस्था एक घी का दीपक जलाएं। तत्पश्चात विशेष मंत्र का जप करते हुए कम से कम 108 मसूर की दाल (साबुत) पश्चिम मुख अर्पित करें। ऋण मुक्ति होने की प्रार्थना करें।
मंत्र:
“ॐ ऋणमुक्तेश्वर नरसिंहाय मम ऋण मुक्ति शीघ्रं कुरु कुरु श्री नरसिंहाय नमः:”
मंगलवार से श्री नरसिंह यंत्रराज पर श्री नरसिंह भगवान की पूजा करें, पूजा में लाल पुष्प, एक लाल रेशमी धागा अर्पित करें, उनके सामने चौमुखा घी का दीपक जलाएं। इसके बाद 5 माला जप पूर्व मुख करें। शत्रु और विरोधियों के शांत होने की प्रार्थना करें। तत्पश्चात सेवाधिकारी से अर्पित किए हुए धागे को दाहिने हाथ की कलाई में धारण करें।
मंत्र:
“ॐ नमो नरसिंहाय सर्वदुष्ट विनाशनाय, सर्वजन मोहाय, सर्वराज्य वश्यं कुरु कुरु स्वाहा”
गुरुवार अथवा चतुर्दशी से इस श्री नरसिंह यंत्रराज पर श्री नरसिंह भगवान की पूजा करें, उन्हें पीली वस्तुओं का भोग लगाएं। इसके बाद विशेष मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
मंत्र:
“ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं, ज्वलन्तं सर्वतोमुखं, नृसिंहं भीषणं भद्रं, मृत्यु मृत्यु नमाम्यहम्॥”
शुक्रवार को इस श्री नरसिंह यंत्रराज पर श्री नरसिंह भगवान की पूजा करें, तत्पश्चात श्री नरसिंह यंत्रराज के सामने चौमुखा घी का एक दीपक जलाएं, लाल फूल अर्पित करें। तत्पश्चात विशेष मंत्र का जप करते हुए 108 अथवा यथा शक्ति नागकेशर अर्पित करें।
मंत्र:
“ॐ हीं क्ष्रौं श्रीं श्रीं लक्ष्मी नरसिंहाय नमः:”
सोमवार से इस श्री नृसिंह यंत्रराज पर श्री नृसिंह भगवान की पूजा करें, पूजा में लाल पुष्प, एक लाल रेशमी धागा अर्पित करें, उनके सामने घी का चौमुखा दीपक जलाएं। इसके बाद 5 माला जप करें।
मंत्र:
“ॐ नरसिंहाय विद्महे वज्रनखाय धीमहि तन्नो नरसिंह प्रचोदयात्”
यदि प्रतिस्पर्धा से परेशान हैं या अन्जान शत्रुओं का डर हमेशा बना रहता है तो शनिवार को इस श्री नृसिंह यंत्रराज पर श्री नरसिंह भगवान की पूजा करें। तत्पश्चात श्री नरसिंह यंत्रराज के सामने चौमुखा घी का एक दीपक जलाएं, साथ ही लाल फूल अर्पित करें। तत्पश्चात विशेष मंत्र का 5–11 माला जप करते हुए बर्फ मिला श्री नृसिंह शक्ति कुण्ड का जल अथवा शुद्ध जल मिट्टी के पात्र में अर्पित करें। शत्रु परास्त होंगे।
मंत्र:
“ॐ नृं नरसिंहाय मम शत्रु भुजबल विदीर्णाय स्वाहा॥”
गुरुवार अथवा चतुर्दशी से इस श्री नरसिंह यंत्रराज पर श्री नरसिंह भगवान की पूजा करें। यदि शरीर में लंबे समय से कोई बीमारी है और राहत नहीं मिल पा रही है, तो इस पर भगवान नरसिंह को चंदन का लेप अर्पित करें। तत्पश्चात विशेष मंत्र का 11–21 माला जप करें। श्री नरसिंह भगवान की कृपा प्राप्त होगी।
मंत्र:
“ॐ क्षौं हौं फट्”
यदि क्रूर ग्रहों अथवा अन्य कारणों से किसी लड़के की शादी में बाधा आ रही हो, तो शुक्रवार को इस श्री नृसिंह यंत्रराज पर श्री भगवान नृसिंह की पूजा करें। तत्पश्चात श्री नृसिंह यंत्रराज के सामने घी का एक दीपक जलाएं तथा सफेद फूल / वस्तु अर्पित करें। इसके बाद नीचे दिए गए मंत्र का जप करने से शीघ्र ही विवाह का योग बनने लगता है।
मंत्र :
“मम मन वांछित पत्नीं देहि हीं ॐ गौरा पार्वती नमः॥”
यदि क्रूर ग्रहों अथवा अन्य कारणों से किसी लड़की की शादी में बाधा आ रही हो, तो गुरुवार को इस श्री नृसिंह यंत्रराज पर श्री नृसिंह भगवान की पूजा करें। तत्पश्चात श्री यंत्रराज के सामने घी का दीपक जलाएं तथा पीले फूल / वस्तु अर्पित करें। इसके बाद नीचे दिए गए मंत्र का जप करने से शीघ्र ही विवाह का योग बनने लगता है।
मंत्र :
“मम मन वांछित वरं देहि हीं ॐ गौरा पार्वती नमः॥”
किसी भी अमावस्या से इस श्री नृसिंह यंत्रराज पर श्री नृसिंह भगवान की पूजा करें। तत्पश्चात श्री यंत्रराज से ऊँचे स्थान पर बाँस अथवा घी / तेल का एक दीपक अपने पितृदेवों को “आकाश दीप” की भावना से समर्पित करें। इसके बाद विशेष मंत्र का कम से कम 108 बार जप करते हुए काले तिल दक्षिण मुख अर्पित करें।
अपने हृदय में अपने पितरों से क्षमा याचना करते हुए प्रार्थना करें कि वे इस आकाशदीप को स्वीकार कर संतुष्ट हों तथा हमारे कार्यों की सिद्धि हेतु आशीर्वाद प्रदान करें। सुख-शांति एवं क्षमा की प्रार्थना करें।
मंत्र :
“ॐ क्षौं श्रीं हीं सर्व पितृदोष निवारणाय क्लेशं हन हन सर्व सुख-शांति देहि देहि फट् स्वाहा॥”
यदि आप मानसिक परेशानी (डिप्रेशन) अथवा अज्ञात भय से पीड़ित हैं, तो शनिवार को इस श्री नृसिंह यंत्रराज पर श्री नृसिंह भगवान की पूजा करें। तत्पश्चात श्री नृसिंह यंत्रराज के सामने घी का दीपक जलाएं तथा लाल फूल अर्पित करें। इसके बाद नीचे दिए गए मंत्र की 1 माला प्रतिदिन जप करें।
जब भी अशांति या भय महसूस हो, तब इस मंत्र का मन ही मन 11 बार जप करते हुए दोनों हाथों को ऊपर से नीचे की ओर चेहरे पर 3 बार फेरें। धीरे-धीरे श्री नृसिंह भगवान की कृपा से मानसिक शांति प्राप्त होने लगेगी तथा संकट दूर होंगे।
मंत्र :
“ॐ क्षौं क्षौं स्वाहा॥”
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